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मृगतृष्णा

प्यार यहाँ मृगतृष्णा है, या कहो कि झूठी कहानी है । पानी का जहाँ अस्तित्व नहीं, वहाँ पे दिखता पानी है।

Tuesday, November 24, 2009

Posted by Krishan lal "krishan" at 2:36 AM No comments:
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Krishan lal "krishan"
हर हाल मस्ती से जीने वाला जीव हूँ। मेरा मानना है कि जो हम नहीं हैं वैसा दिखने की कोशिश करना और जो हम है वैसा छुपाने की कोशिश करना दोनो ही तनाव का कारण बनते हैं। जिन्दगी को सहज जीने की कोशिश करता हूँ । हर हाल खुश रहना की कला को मैने बहुत अभ्यास से सीखा है अब ये मेरी आदत सी बन गयी है। सादगी मेरे जीवन का मूलमन्त्र रहा है। मितव्ययी होना पहले मजबूरी थी अब स्वभाव है। मीलों पैदल चलना अच्छा लगता है । मजबूत इच्छाशक्ति का मालिक हूँ। जिन्दगी जिन्दादिली से जी है और जीता रहूंगा।
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